चिंटू बोला, मम्मी दशहरा हर साल क्यों आता है?
मैंने देखा रावण तो मर जाता है जल जाता है,
ऐसा जलता है कि उसकी राख ही केवल रह जाती है,
राख भी देखी संग हवा के कहाँ- कहाँ उड़ जाती है,
फिर वो कैसे जी उठता है फिर वो जलाया जाता है,
क्या माजरा है ये जो हर साल दोहराया जाता है?
तुम कहती हो राम प्रभु है सर्वशक्तिमान है ये |
क्यों नहीं एक बार कर देते रावण का कल्याण है ये ?
बेटे जलते हैं बस पुतले रावण तो है मन का खेल|
राक्षसवृति की जब मन के नाक में पड़ जाती है नकेल|
अहंकार और दुराचार के पथ पर खींच इसको ले आती है|
असामाजिक सभी कार्य फिर इससे वो करवाती है|
रावण मर जाता है जी उठती है रावणत्माएँ |
वातावरण में फ़ैल जाती है प्रदूषित मन की हवाएं |
रावणत्माएँ जगह पशुवृत्तियां प्रदुषण फैलाती है |
कभी हाथरस की बेटी कभी निर्भया कुचली जाती है |
तुम अभी छोटे हो बेटे ये बातें ना समझोगे ?
अच्छा है अगर अभी से राम की बातें समझोगे|
राम सत्य है सत्य है सूंदर मन में राम बसा कर रखना |
राम मय जीवन को जी के देश की लाज बचा के रखना |
lockdown के दिनों में मैंने देखी है रामायण जो,
खुद राम ने मारा उसको देखा मैंने है दृश्य वो |
लगता है रावण की आत्मा भटक रही है अभी तक |
तभी मनाया जाता है दशहरा हिंदुस्तान में हर बरस |
सत्यमेव जयते का मतलब जीत सत्य की होती है |
उसी जीत की ख़ुशी में बच्चे फिर दिवाली होती है |
पहले आता है दशहरा आती उसके बाद दिवाली |
पहले मरता अहं का रावण फिर होती मन में खुशहाली |
बिना राम को जाने पहचाने राममय नही हो सकते है |
ना सुख किसी को दे सकते है ना खुद सुखमय हो सकते हैं |
सत्य की चमक दमक को बच्चे कभी धुंदला ना होने देना |
राम की मर्यादा को 'वेद' जीवन में कभी ना खोने देना |