हाथरस की अभागी मनीषा की स्मृति में शेअर


अश्रुपूरित श्रद्धांजलि 


काट लो मेरी‌ जुबां खामोश मैं हो जाऊंगी,
देखना आकाश तक‌ फिर गूंज मेरी जायेगी ।