प्रस्तुति - रामकुमार सेवक
निरंकारी बाबा हरदेव सिंह जी के श्रीमुख से अनेक बार यह सुनने का मौक़ा मिला है कि यह मिशन सिर्फ टेली विज़न की चर्चाओं के सहारे नहीं खड़ा हुआ बल्कि इसकी स्थापना के लिए मिशन के महान गुरुओं (बाबा बूटा सिंह जी,बाबा अवतार सिंह जी और बाबा गुरबचन सिंह जी) के महान नेतृत्व में बुजुर्ग महात्माओं और उस समय के सेवादारों ,संगतों,की भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय रही है |
सन्त निरंकारी कॉलोनी ,दिल्ली के पुराने मेहात्मा महेंद्र पाल जी ,जो कि पहाड़गंज में निरंकारी मिशन की प्रारंभिक गतिविधियों से जुड़े हुए थे ,और भगत कोटू मल जी के नेतृत्व में निरंकारी मिशन के प्रचार-प्रसार से जुड़े रहे हैं ,से कल टेलीफोन पर बात हो रही थी |
महात्मा ने प्रधान लाभ सिंह जी की उन गतिविधयों का जिक्र किया ,जिनका जिक्र मैंने अपने पुराने साथी कुलदीप सिंह जी और सुलेख साथी जी से भी सुना है |
आदरणीय महेंद्र पाल जी उन बहुत सारी गतिविधियों का जिक्र कर रहे थे,जो कि निरंकारी मिशन के गौरवशाली इतिहास से जुडी हुई हैं |
महात्मा ने 1967 -68 के उस दौर का भी जिक्र किया .जब महात्मा ढेराराम शाह जी ,बाबा गुरबचन सिंह जी से ब्रह्मज्ञान की दांत प्राप्त करने के लिए निरंकारी कॉलोनी में पुराने दफ्तर में पधारे |
उन्होंने मुझे उस दौर की याद दिलाई,जब मैं फरवरी 1986 में निरंकारी कॉलोनी में प्रकाशन विभाग में आया |
उस समय एक महात्मा एम् .एस.आज़ाद जी होते थे,जो कि मंडल के प्लाट न .100 में रहते थे महेंद्र पाल जी ने मुझे बताया कि उन्होंने शाह जी से कहा कि ब्रह्मज्ञान प्राप्ति के समय बाबा गुरबचन सिंह जी को अपनी हैसियत के अनुसार नमस्कार करना |
उन्होंने सम्पूर्ण अवतार बाणी का भी जिक्र किया जो कि सत्गुरु को निरंकार से रत्ती भर भी कम नहीं समझती |उनका कहना था कि साकार सत्गुरु की सेवा अपनी हैसियत के अनुसार पूर्ण क्षमता से करनी चाहिए क्यूंकि निरंकारी मिशन का पहला ही सिद्धांत यही है कि तन,मन,धन परमात्मा की देन है,हमें तन,मन.धन को परमात्मा का ही समझना है,उनका जरा भी अभिमान नहीं करना है |
आदरणीय ढेरा राम शाह जी,ने ब्रह्मज्ञान प्राप्त करते समय जो भेंट की ,उससे पहले बैंक में जाकर अपनी हैसियत का पता किया और उसके अनुसार बाबा जी के चरणों में अपनी सेवा समर्पित कर दी |ढेरा राम शाह जी,जो कि (पुराने उद्योगपति जैसे थे ),अर्थात आर्थिक क्षेत्र में उनकी प्रगति उल्लेखनीय थी|
ढेराराम शाह जी,को समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए भारत सरकार ने पद्म श्री की मानद उपाधिभी प्रदान की |
